आपकी आँख क्यों फड़कती है इसके पीछे क्या है मान्यताये और क्या कहता है हमारा विज्ञान ?

आँख का फड़कना तो हमारे हिन्दू धर्म में आँख का फड़कना सुभ या अशुभ का संकेत मन जाता है जबकि विज्ञान इसे नहीं मानता है और अपने अलग विचार रखता है आईये जानते है आँखों के फड़कने से हिन्दुओ धर्म में क्या मान्यताये है।

हमारे जीवन में कुछ ऐसी घटनाये होती है जिसके होने पर शुभ या अशुभ होने का संकेत मिलता है इसी प्रकार से आँख का फडकना भी किसी शुभ या अशुभ घटना का संकेत देती है तो आईये जानते है किस आँख के फड़कने से शुभ और अशुभ होने का संकेत मिलता है।

दायीं आँख का फड़कना – जब किसी पुरुष की दायीं अंक फड़कती है तो उसे शुभ संकेत माना जाता है जैसे की नौकरी में तरक्की या फिर उसके साथ कुछ अच्छा होने वाला होता है जबकि महिलायों के लिए दायीं आँख का फडकना अशुभ मन जाता है और उनके साथ कुछ बुरा होने का संकेत देती है।

बायीं आँख का फडकना – किसी पुरुष की बायीं आँख फडके तो उसके लिए अशुभ संकेत माना जाता है।  इसका मतलब उसके जीवन में मेहनत और कष्टदायी समय नजदीक आने वाला है जबकि महिलाओं के लिए इसका उल्टा होता है महिलाओं की बायीं आँख का फडकने का मतलब  शुभ संकेत माना जाता है और उनके जीवन में कुछ अच्छा होने वाला है अगर महिलाओं की आँखे चारो दिशायों में फडके तो इसका मतलब उसकी शादी के सयोग बनने वाले है।

आईये जानते है आंख फड़कने के पीछे हमारा विज्ञान क्या कहता है।

हमारी आँख का फड़कना हमारी मांसपेसियो में संकुचित या फिर उनमे किसी तरह का खिचाव होता है जिसके कारन हमारी आँख फड़कती है वैसे तो यह कुछ समय के अंदर ठीक हो जाती है लेकिन कभी कभार ये कुछ हफ्तों के लिए भी फड़कती रहती है जिससे बहुत दिक्कत होती है।

नेत्र विशेसज्ञ का मानना है की ऐसा थकान, नींद में कमी, तनाव, सूखापन, ठीक से पोषण न मिलना, कम रौशनी में काम करना, कंप्यूटर में देर तक काम करना और कफीन की अधिक मात्र लेना इन सब की वजह से ऐसा हो सकता है।

आँखों का फड़कना सामान्य कारण माना जा सकता ही लेकिन अगर आँख कई दिनों या हफ्तों तक फडके तो डॉक्टर को जरूर दिखा ले जिससे आप आँखों में होने वाली किसी बड़ी समस्या से बच सके

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